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शिक्षा में समानता के अधिकार का विधिवत पालन की मांग , ज्ञापन

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शिक्षा में समानता के अधिकार का विधिवत पालन की मांग , ज्ञापन
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छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू)- धार्मिक एव समाजिक संगठनों ने महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट के नाम जिला कलेक्टर छिंदवाड़ा को ज्ञापन सौंपकर शिक्षा में समानता के अधिकार का पालन करवाये जाने की मांग की। ज्ञापन में बताया कि हमारे देश में राजस्थान भी एक राज्य है जिसकी आबादी लगभग 8 करोड़ है। वहाँ 3232 मदरसे हैं। वहाँ की सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। जो कि संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है। संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों के तहत देश के समस्त विद्यार्थियों को शिक्षा की समानता का अधिकार प्राप्त है । राजस्थान में मुस्लिम आबादी लगभग 9 प्रतिशत है । नियमानुसार यह अल्पसंख्यक दायरे से बाहर है। 1 अप्रैल 2021 को यहाँ की सरकार ने मदरसे में कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय में 10 प्रतिशत की वृद्धि की। हाल ही में राजस्थान सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने यहाँ के मदरसों को 10 लाख रुपये से लेकर 25 लाख रुपये तक अनुदान देने के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए हैं । आवेदन में यह भी बताया कि दीपावली में उन्हें यह तोहफा दिया जायेगा । राजस्थान सरकार लगभग 6 अरब रुपए यहाँ के सरकारी खजाने से देगी ना कि पार्टी फण्ड से। सरकारी खजाना आम जनमानस के खून पसीने की कमाई है जो सरकार टैक्स के रूप में वसूल करती है। इन पैसों पर राजस्थान राज्य के प्रत्येक धर्म समुदाय के विद्यार्थियों का अधिकार है। सिर्फ मदरसों का कैसे हो सकता है ? पूरा देश जानता है कि मदरसे में कौन सी शिक्षा दी जाती है । सोशल मिडिया के माध्यम से मुझे जानकारी मिली है कि मदरसों में गैर मुस्लिम को काफिर कहा जाता है। मतलब आप और हम सब इनकी नजर में काफिर है और उनके धर्म में काफिरों का कत्ल करने का आदेश है। मतलब हम अपने ही टैक्स की कमाई से हम सब अपनी ही कब्र खोद रहे हैंएवं वहाँ के करोड़ों विद्यार्थियों को उचित शिक्षा से वंचित कर रहे हैं । सरकार की इस कार्यप्रणाली से राज्य में देश में वैमनस्यता बढ़ेगी एवं यह अन्य धर्मों के विद्यार्थियों के साथ अन्याय है । सरकारी पैसा सबका है। अरबों रूपये खर्च करना एक धर्म विशेष के लिए न्याय संगत नहीं है । ऐसी अनुचित आदेश पर यथा सम्भव कार्यवाही करने की मांग की। ज्ञापन देते समय शिक्षाविद विशाल चउत्रे, आधुनिक चिंतक हरशुल रघुवंशी, कुनबी समाज के युवा नेता अंकित ठाकरे , राष्ट्रीय बजंरग दल के नितेश साहू, साहू समाज के ओमप्रकाश साहू, पवार समाज के हेमराज पटले, कलार समाज के सुजीत सूर्यवंशी, आई टी सेल के प्रभारी भूपेश पहाड़े, युवा सेवा संघ के नितिन दोईफोड़े, ओम प्रकाश डहेरिया, आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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