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एफसीआई द्वारा जारी तुगलकी फरमान से पंजाब का राइस उद्योग बर्बादी के कगार पर

Subash Bharti by Subash Bharti
in INDIA, PUNJAB
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एफसीआई द्वारा जारी तुगलकी फरमान से पंजाब का राइस उद्योग बर्बादी के कगार पर
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– राइस मिलर्स एसो. नेता पंजाब की राइस इंडस्ट्री को बचाने के लिए सभी एक मंच पर आयें – प्रमोद मोदी

(सुभाष भारती): एक तरफ नये बने कृषि कानूनों के विरूद्ध किसान दिल्ली में केन्द्र सरकार के खिलाफ पिछले 100 से भी अधिक दिनों से संघर्ष कर रहा है, किसान संघर्ष के मद्देनजर केन्द्र सरकार द्वारा अपनाई सख्त नीतियों के चलते पंजाब का शैलर उद्योग तबाही की ओर बढ़ रहा है। केन्द्र सरकार द्वारा अपनाई गलत नीतियों व सीबीआई द्वारा छापे मारकर चावलों की सैंपलिंग लेने के चलते राइस उद्योग पिछले कई दिनों से बंद पड़ा है। उसके बाद बारदाने की कमी के कारण चावल मिलिंग का कार्य चौपट हो चुका है और ऊपर से एफसीआई ने मिलिंग का एफक्यू चावल लेने की जगह फोर्टीफाइड चावल लेने के आदेश कर देने से राज्य के लगभग 4500 राइस मिलों को ताला लग गया है। अब राइस मिलर्स द्वारा अपना कार्य शुरू करवाने के लिए पंजाब व केन्द्र सरकार से बातचीत करने की कोशिश की जा रही है परन्तु अभी तक राइस मिलर्स एसो. के नेताओं की कोशिशें नाकाम दिखाई दे रही हैं जबकि धान मिलिंग के कार्य को निपटाने में मात्र 10 दिन का समय ही बचा है जिस दौरान राइस मिलर्स द्वारा धान मिलिंग के कार्य को समय पर निपटाना संभव नहीं है।
इस बारे में प्रदेश के शैलर मालिकों का कहना है कि धान की अलाटमेंट करते समय उन्हें इस तरह की किसी भी नई नीति के बारे में अवगत नहीं करवाया गया था। शैलर मालिकों का यह भी कहना है कि फोर्टीफाइड चावल सरकार को जमा करवाने के दिए आदेशों को मानने के लिए राज्य का राइस मिलर्स सक्ष्य नहीं है, इस क्वालिटी का चावल बनाने के लिए शैलर मालिकों नई मशीनरी लगानी पड़ेगी जिसके लिए कम से कम एक वर्ष का समय लगेगा, इसलिए एफसीआई को चाहिए कि वह इस बार चावल पुराने मापदंडों अनुसार ही जमा करवाये जाएं ताकि मिलिंग का कार्य भी सही समय निपट जाये और राइस मिलर्स आर्थिक नुक्सान के साथ-साथ डिफालटर होने से भी बच सकें। राज्य के समूह राइस मिलर्स ने एकमुश्त होकर मांग की कि पंजाब सरकार को इस मामले पर केन्द्र सरकार के साथ तुरन्त बातचीत कर इस समस्या का समाधान करना चाहिए ताकि पंजाब सरकार भी आर्थिक नुक्सान से बच सके।
संगरूर लोकल राइस मिलर्स एसो. के अध्यक्ष प्रमोद मोदी ने राइस इंडस्ट्री के बने अलग-अलग प्रधानों को चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब की राइस इंडस्ट्री को बचाने के लिए सभी एक मंच पर आयें ताकि राज्य व केन्द्रीय खाद्यान ऐजंसी द्वारा दिए तुगलकी फरमानों को वापिस करवाया जा सके।

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