छिंदवाड़ा(सुशील सिंह परिहार)- सामाजिक कार्यकर्ता भगवानदीन साहू के प्रार्थना पत्र पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग नई दिल्ली ने गुजरात सरकार के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया है । जिसका क्रमांक 49584/CR /2026 है । मामला है संत श्री आशारामजी आश्रम मोटेरा अहमदाबाद आश्रम की जमीन का । श्री साहू ने प्रार्थना पत्र में बताया कि गुजरात प्रशासन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के कानूनों की जानबूझकर अवहेलना की है । जिसमें करोड़ों करोड़ों लोगों की आस्था का हनन हो रहा है । उक्त आश्रम की पूरे विश्व में एक आध्यात्मिक पहचान है । एक षड्यंत्र के तहत अहमदाबाद महानगरपालिका आश्रम की जमीन खाली करवाने हेतु बार – बार असंवैधानिक तरीके से नोटिस जारी कर रहा है । आश्रम प्रबंधन के पास उक्त जमीन के सभी वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध हैं। सन 1980 से लेकर सन 1999 तक गुजरात सरकार ने निश्चित शुल्क पर 4 बार जमीन आवंटित की है । स्थानीय प्रशासन ने इस सम्बंध में अनेको बार जांच पड़ताल कर उक्त जमीन का जनहित के सेवा कार्य सम्पादित हो रहे प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया है । इन प्रतिवेदनों से स्पष्ट है कि लीज के नियमों का विधि अनुरूप पालन किया गया है । यदि जमीन की लीज का विधिअनुरूप पालन नहीं होता तो सन 1980 से लेकर 1999 तक चार बार सरकार जमीन आबंटित करती ही नही । इस आश्रम से देश के 450 आश्रम , 18 हजार बाल संस्कार केंद्र , सैकड़ों गुरुकुल , देश में 14 फरवरी को 74 करोड़ माता – पिता का पूजन , पर्यावरण संरक्षण के लिए 4 करोड़ स्थानों पर तुलसी पूजन , देश भर के आदिवासी क्षेत्रों में करोड़ों करोड़ों लोगो को जीवन उपयोगी सामग्री भेंट कर आम जन मानस को सनातन संस्कृति के महत्व से अवगत कराना आदि सेवाकार्य संचालित हो रहें हैं । इसी वजह है षड्यंत्र कारी लोग प्रशासन का दुरुपयोग कर आश्रम प्रबंधक और सत्तारूढ़ सरकार को आपस में भिड़वा रहे हैं । सत्ता रूढ़ सरकार की छवि खराब करने के उद्देश्य से यह कार्य किया जा रहा है । क्योंकि देश भर में सतारूढ़ सरकार के अधिकतर जनप्रतिनिधि इन सेवा कार्यो में सहयोग करतें हैं । राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने इन बातों को गम्भीरता से लेते हुए गुजरात सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर नोटिस जारी करने की तैयारी की है।






