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होलिका दहन हेतु कण्डे का स्टॉल एवं पलाश के फूलों से बना रंग पैकेट भेंट

Sushil Parihar by Sushil Parihar
in INDIA
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होलिका दहन हेतु कण्डे का स्टॉल एवं पलाश के फूलों से बना रंग पैकेट भेंट
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छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू)- जिला कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह के आदेश पर उप संचालक पशु पालन एव डेयरी डॉ. पक्षवार , और डॉ. टांडेकर के निर्देशानुसार सन्त श्री आशारामजी गौशाला खजरी द्वारा शहर में जगह – जगह गाय के गोबर से बने कण्डों का स्टॉल लगाकर होलिका दहन हेतु कण्डे उपलब्ध कराए गए । कण्डे से होलिका दहन से पर्यावरण संरक्षण भी होता है। और जंगलों की अनावश्यक कटाई पर भी रोक लगती है। कण्डों से होलिका दहन हमारी वैदिक परंपरा भी है । गत कई वर्षों से पूज्य बापूजी की गौशाला कण्डों का निर्माण कर उचित दर पर आम लोगों को सुलभ करवाती हैं । होलिका दहन के बाद ऋतु परिवर्तन होता है। ठंड ऋतु खत्म होकर ग्रीष्म ऋतु प्रारंभ होती है। इस दौरान बुखार के मरीजों की अधिकता रहती हैं । होलिका दहन से वातावरण को दूषित करने वाले रोगाणुओ का अंत होता है। होलिका दहन के बाद धुरेड़ी मनाने की परम्परा है । केमिकल के रंगों से होने वाली हानि से आम जनमानस को बचाने के लिए पलाश के फूलों के रंगो से बने रंग पैकेट नि:शुल्क वितरण किये गए । पलाश के फूलों के रंग से होली खेलने के बहुत सारे आध्यात्मिक लाभ भी हैं । इससे वात पित्त और कफ़ जनित रोगों का शमन होता हैं । इस प्रकार होलिका उत्सव देश भर के 550 आश्रमों द्वारा मनाया जाता है । अतः इसे वैदिक होलिका उत्सव कहा जाता है । इस दैवीय कार्य में साध्वी रेखा बहन , साध्वी प्रतिमा बहन , गौशाला संचालक जयराम भाई , समिति के अध्यक्ष मदनमोहन परसाई , गुरुकुल की संचालिका दर्शना खट्टर , धनाराम सनोडिया , सुभाष इंगले , बबलू माहोरे आदि ने अपनी सेवाएं दी ।

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