इटावा(डा. पुष्पेंद्र सिंह चौहान)- पी.के. यूनिवर्सिटी, शिवपुरी के फैकल्टी ऑफ साइंस द्वारा अंतरराष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस–2026 के अवसर पर गिद्ध संरक्षण, जैव विविधता एवं पर्यावरणीय संतुलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया।
इस राष्ट्रीय वेबिनार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों एवं पर्यावरण के प्रति रुचि रखने वाले प्रतिभागियों को गिद्धों के पारिस्थितिकीय महत्व, जैव विविधता में उनकी भूमिका, गिद्धों की घटती संख्या के कारणों तथा संरक्षण की आवश्यकता के बारे में वैज्ञानिक एवं उपयोगी जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ पी.के. यूनिवर्सिटी, शिवपुरी के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) मुकेश चंसोरिया के मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायी उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि पर्यावरण एवं जैव विविधता का संरक्षण वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालय स्तर पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारी विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
राष्ट्रीय वेबिनार की मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. (डॉ.) अमिता कनौजिया, प्राणी विज्ञान विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ, उत्तर प्रदेश ने विशेषज्ञ व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने गिद्धों की जैव विविधता, पारिस्थितिकी, प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र में उनकी भूमिका तथा उनके संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर पी.के. यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर डॉ. जितेंद्र मिश्रा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता के प्रति जागरूकता पैदा करने में उच्च शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
Dean Academics, डॉ. ऐमन फातमा ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों से पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी के बिना जैव विविधता का प्रभावी संरक्षण संभव नहीं है।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. आशिष विश्वकर्मा, HOD, फैकल्टी ऑफ साइंस ,पी.के. यूनिवर्सिटी, शिवपुरी मध्य प्रदेश। के समन्वय एवं मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने कहा कि गिद्ध पारिस्थितिकी तंत्र के अत्यंत महत्वपूर्ण घटक हैं और इनके संरक्षण के प्रति समाज में वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय वेबिनार के माध्यम से विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों तक गिद्ध संरक्षण का संदेश पहुंचाने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
आयोजक
फैकल्टी ऑफ साइंस
पी.के. यूनिवर्सिटी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश












