प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अयोध्या में कहा कि विकास व विरासत की साझा ताकत 21वीं सदी में भारत को सबसे आगे ले जाएगी। यहां एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया उत्सुकता के साथ 22 जनवरी के ऐतिहासिक क्षण (नवनिर्मित राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह) का इंतजार कर रही है। ऐसे में अयोध्या वासियों में यह उत्साह, यह उमंग बहुत स्वाभाविक है। अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा, ‘एक समय था जब यहीं अयोध्या में रामलला टेंट में विराजमान थे। आज पक्का घर सिर्फ रामलला को ही नहीं, देश के चार करोड़ गरीबों को मिला है।’
रैली को संबोधित करने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य में 15,700 करोड़ रुपये से अधिक की 46 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इससे पहले उन्होंने रोड शो किया। पुनर्विकसित अयोध्या रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया और दो अमृत भारत तथा छह वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इनमें श्री माता वैष्णो देवी कटरा-नयी दिल्ली, अमृतसर-दिल्ली, कोयंबटूर-बेंगलुरू छावनी, जालना-मुंबई, अयोध्या-आनंद विहार तथा मंगलुरू-मडगांव वंदे भारत शामिल है। मोदी ने अयोध्या में नवनिर्मित अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन भी किया, जिसका नाम महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम रखा गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या दौरे के दौरान लता मंगेशकर चौक के करीब एक मोहल्ले में उज्ज्वला योजना की 10 करोड़वीं लाभार्थी मीरा से उनके घर मुलाकात की और चाय पी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पीएम मोदी का यह कार्यक्रम पहले से निर्धारित नहीं था। उनके आने से पूरी बस्ती के लोग हैरान रह गए। पूरा क्षेत्र मोदी-मोदी के नारों से गूंज उठा। इस दौरान मोदी ने मीरा के हाथों की बनी चाय पी और कहा कि चाय अच्छी है, मगर थोड़ी मीठी हो गयी है। मोदी ने परिवार व पूरी बस्ती का हाल-चाल जाना। पीएम ने एक बच्चे को ऑटोग्राफ भी दिया।
22 को अयोध्या न आने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नागरिकों से 22 जनवरी को अयोध्या नहीं आने की अपील की है। उन्होंने रैली में कहा, ‘मेरी सभी देश वासियों से करबद्ध प्रार्थना है कि 22 जनवरी को अयोध्या आने का मन न बनाएं। अयोध्या में सबका पहुंचना बहुत मुश्किल है, इसलिए देश भर के राम भक्तों को, विशेषकर उत्तर प्रदेश के राम भक्तों से हाथ जोड़कर प्रणाम के साथ प्रार्थना है, आग्रह है कि 22 जनवरी को विधिपूर्वक कार्यक्रम हो जाने के बाद 23 जनवरी के बाद अपनी सुविधा के अनुसार अयोध्या आएं।’



