सिख चरमपंथी गुरपतवंत सिंह पन्नू की अमेरिका में हत्या की साजिश के आरोप में अमेरिकी सरकार ने बुधवार को 52 वर्षीय भारतीय मूल के नशीले पदार्थ तस्कर निखिल गुप्ता उर्फ निक और एक अन्य अज्ञात भारतीय के खिलाफ मामला दर्ज करने की घोषणा की है। पन्नू एक सिख चरमपंथी है जिसके पास अमेरिका और कनाडा की नागरिकता है।
अमेरिकी सरकार के अनुसार, दिल्ली स्थित एक भारतीय सरकारी अधिकारी ने गुप्ता से संपर्क किया। उसने एक अन्य व्यक्ति से संपर्क साधा। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में अमेरिकी ड्रग प्रवर्तन विभाग (डीईए) के साथ काम करने वाला एक गोपनीय स्रोत था। सूत्र ने गुप्ता को एक कथित हिटमैन से मिलवाया, जो डीईए का एक गुप्त अधिकारी था। यह अधिकारी 100,000 डॉलर में हत्या को अंजाम देने के लिए तैयार हो गया और गुप्ता ने 9 जून को उसे 15,000 डॉलर का भुगतान किया। उसी माह भारत सरकार के अधिकारी ने गुप्ता को पन्नू के घर का पता, फोन नंबर का विवरण प्रदान किया।
भारत ने की समिति गठित
भारत ने संबंधित आरोपों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत ने मामले के सभी प्रासंगिक पहलुओं पर गौर करने के लिए 18 नवंबर को एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। भारतीय जांच एजेंसियों को आतंकवाद के विभिन्न आरोपों में पन्नू की तलाश है। बागची ने कहा, ‘हमने पहले ही संकेत दिया था कि भारत ऐसी सूचनाओं को गंभीरता से लेता है क्योंकि वे हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा हितों पर भी प्रभाव डालती हैं और संबंधित विभाग पहले से ही इस मुद्दे की जांच कर रहे हैं।’ बागची ने कहा कि भारत समिति के निष्कर्षों के आधार पर कार्रवाई करेगा।