छिंदवाड़ा(भगवानदीन साहू)- संस्कृत पुस्तकोंन्नति सभा द्वारा संचालित सन्त श्री आशारामजी गौशाला खजरीं ने प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी गोपाष्टमी पर्व हर्षोल्लास मनाया । सैकड़ों साधकों ने गायों की वैदिक रूप से पूजा अर्चना की । इस अवसर गोशाला के संचालक जय राम भाई ने बताया कि आज ही के दिन भगवान श्रीकृष्ण ने गौ चारण लीला प्रारंभ की थी । गायों में 33 कोटि देवी देवता विघमान रहतें हैं । इस दिन गायों की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं । गाय का दूध , गोमूत्र , गोबर सब समस्त मानव जाति के लिए वरदान है । पूज्य बापूजी को गायों से बहुत लगाव है इसलिए सभी आश्रमो में गौ सेवा निश्चित रूप से होती ही हैं । भगवान स्वयं गायों की सेवा किया करतें हैं । उक्त गोशाला में समय समय पर आई ए एस प्रशिक्षु, आस पास के जिले के पशु पालक और कृषक, गोशाला के एव जैविक खेती का प्रशिक्षण लेने आते है ।प्रसिद्ध संत प्रेमानन्द जी महाराज के मित्र संत राजेंद्र दास जी महाराज बताते हैं कि गोतन्त्र ग्रन्थ में आता है कि भगवान शिव माता पार्वती को बतातें हैं कि पूरे जीवन काल मे कोई मनुष्य 10 गायों को गो विरोधी तत्वों से या म्लेच्छों से मुक्त कराता है , उसकी सेवा करता है वह व्यक्ति गौ लोक का अधिकारी बन जाता हैं । उस व्यक्ति को मेरा ही स्वरूप समझना चाहिए । उसके दर्शन से सभी के पाप ताप नष्ट हो जाते हैं । ऐसी गौ सेवा की महिमा है । वाहन रैली का शुभारंभ नगर निगम महापौर विकम्र आहाके , शिव सेना के जिलाध्यक्ष बिज्जू दाई , राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र ठाकुर ,जिला पंचायत की सदस्य ललिता विलास घोगें, राष्ट्रीय हिन्दू सेना के यमन साहू ,गायत्री परिवार के ओमी साहू ,बजरंग दल के गौरव सेन ,जिला पशु चिकित्सालय के उप संचालक डॉ पक्षवार, डॉ टांडेकर ने हरी झंडी दिखा कर किया । रैली खजरीं गौशाला से ग्राम जामुन झिरी , खजरीं चौराहा , बस स्टैंड , फव्वारा चौक , ELC चौक होते हुए सत्कार तिराहा ,होते हुए खजरीं आश्रम में समाप्त हुई । जगह – जगह गौ सेवकों और नगर वासियों ने वाहन रैली का भव्य स्वागत किया । इस दैवीय कार्य समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई , गोशाला संचालक जय राम भाई गुरुकुल की संचालिका दर्शना खट्टर , साध्वी प्रतिमा बहन , साध्वी रेखा बहन ,एम. आर. पराड़कर ,पी. आर. शेरके ,धनाराम सनोडिया ,गोवर्धन मालवीय , तिलक सिंह पन्द्राम , सुभाष इंगले , अशोक कराड़े , नारायण ताम्रकार , बबलू माहोरे , विमल शेरके , डॉ. मीरा पराड़कर , प्रीति सोंनारे आदि ने अपनी – अपनी सेवाएं दी ।













