छिंदवाड़ा(सुशील सिंह परिहार)- श्री संस्कृत पुस्तकोन्नति सभा के तत्वाधान में आज संत श्री आशारामजी आश्रम खजरी मे श्री योग वेदांत सेवा समिति द्वारा श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ गुरुपूर्णिमा पर्व पर विविध आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया । इस अवसर पर सुबह से भजन-कीर्तन, सत्संग, हवन आदि कार्यक्रमों के साथ गुरुपूर्णिमा महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह ९.३० से पादुका पूजन से हुआ । तत्पश्चात श्री आशारामायण का भावपूर्ण पाठ, भजन-कीर्तन एवं वीडियो सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक आनंद एवं अमूल्य लाभ प्राप्त किया । इसके उपरांत चावल से निर्मित स्वस्तिक पर दीप प्रज्वलित कर गुरुपूर्णिमा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया । सम्पूर्ण परिसर भक्ति, आस्था एवं दिव्य सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा ।
उपस्थित श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन में भाग लेकर हरिनाम संकीर्तन का आनंद लिया । कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं एवं उपस्थित जनसमूह ने प्रसाद ग्रहण किया ।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि ‘‘देश-विदेश के भक्तों को संत श्री आशारामजी बापू यह संदेश देते है कि कर्म करने की कला जान लो और उसे कर्मयोग बनाओ तो कर्म आपको भगवान से मिलानेवाले हो जायेंगे | आप ‘बहुजनहिताय, बहुजनसुखाय’ कार्य करके स्वयं परमात्मा में विश्रांति पा लो । बाहर से सुख पाने की वासना मिटाओ और सुखस्वरूप में विश्रांति पाते जाओ ।’
इन्हीं वचनों का आदर करते हुए पूज्यश्री के शिष्यों द्वारा विभिन्न समाजोत्थान के कार्य किये जाते हैं । गरीबों, अनाथों, अभावग्रस्त आदिवासियों और अस्पतालों में मरीजों को अन्न, औषधि, वस्त्र आदि जीवनोपयोगी वस्तुएँ तथा आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है तथा बच्चों को सत्साहित्य, नोटबुकें आदि का वितरण, ‘निःशुल्क चिकित्सा शिविरों’ का आयोजन आदि किया जाता है ।
इस अवसर पर गुरुकुल के विद्यार्थिओं ने पूज्य बापूजी के जीवन, उनके आध्यात्मिक संदेश एवं समाजोत्थान के लिए किए गए कार्यों पर नाटिका के माध्यम से प्रकाश डाला तथा सभी को उनके आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया ।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सद्भावना एवं संस्कारों के प्रसार के लिए अत्यंत आवश्यक हैं ।
इस अवसर पर श्री योग वेदांत सेवा समिति के पदाधिकारी व अनेकों साधक साधिकाएं व गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए।










