(सुशील सिंह परिहार)-छिन्दवाड़ा: संत श्री आसारामजी गुरुकुल में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। विद्यार्थियों ने भिन्न-भिन्न प्रकार के योग आसन की शानदार प्रस्तुति दी जिसमें पद्मासन, सिद्धासन, सर्वांगासन, धनुरासन, हलासन, पश्चिमोत्तानासन, गोमुख, सूर्यनमस्कार, ताड़ासन प्रमुख हैं।
इस अवसर पर गुरुकुल की संचालिका श्रीमती दर्शना खट्टर ने बताया कि योग हमारी सनातन संस्कृति की परंपरा है। हमारे ऋषि-मुनि और संतों की देन है। मनुष्य को तन-मन स्वस्थ रखने के लिए योग अति आवश्यक है। इस परंपरा को हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे विश्व तक पहुँचाया है। आज पूरा विश्व 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाता है।
गुरुकुल में प्रतिदिन साधक और विद्यार्थी कई नियमित योग साधना करते हैं। गुरुकुल में योग का नियमित कालखंड होता है।
यदि मनुष्य को जीवन में स्वस्थ, प्रसन्न और निरोगी रहना है तो प्रतिदिन योग आसन, प्राणायाम अवश्य करे।
इस कार्यक्रम में गुरुकुल की संचालिका दर्शना खट्टर, गुरुकुल से श्री सुशील सिंह परिहार, श्रीमती पूजा अमरवंशी, छात्रावास प्रभारी श्री सोमनाथ पवार एवं समस्त शिक्षक स्टाफ उपस्थित था।













